हर भारतीय को जान लेना चाहीये ये 10 कानूनी अधीकार..

हर भारतीय को जान लेना चाहीये ये 10 कानूनी अधीकार..

हर भारतीय को जान लेना चाहीये ये 10 कानूनी अधीकार - Every Indian Should Know These 10 Legal Rights


हेलो दोस्तों, आज की इस पोस्ट हम बात करेंगे ऐसे 10 कानूनी अधिकारों की जिनका जानना आपके लिए बेहद ज़रूरी है। आज हम आपको इन 10 कानूनी अधिकारों के बारे में बताएँगे। दोस्तों इस पोस्ट को आप आखिर तक ज़रूर पढ़ें।

भारत के रहनेवाले बहुत सारे नागरिकों को अपने कानूनी अधिकार पता नहीं होते हैं। जिसकी वजह से वो करप्शन और धोकेबाज़ी का शिकार हो जाते हैं। तो दोस्तों हम आज आपको १० ऐसे कानूनी अधिकार बताने वाले हैं, जिनके बारे में आपको पता होना ही चाहिए। तो चलिए जान लेते हैं।


अधिकार नंबर 1 : भारत में सिर्फ महिला पुलिस अधिकारी के पास ही महिलाओं को गिरफ्तार करके थाने ले जाने का अधिकार होता है। पुरुष पुलिस अधिकारी को महिलाओं को गिरफ्तार करके थाने ले जाने का अधिकार नहीं होता है। अगर किसी महिला को रात के 6 बजे से लेकर सुबह के 6 बजे के बीच में पुलिस स्टेशन आने के लिए कहा जाये तो उस महिला को ये अधिकार है कि वो पुलिस स्टेशन जाने से मना कर सकती है।


अधिकार नंबर 2 : इनकम टैक्स अधिकारीयों (Income Tax Offficers) या कर वसूल करने वाले अधिकारीयों के पास आपको गिरफ्तार करने का अधिकार होता है। अगर अपने टैक्स नहीं दिया है तो TRO यानि (Tax Recovery Organisation) टैक्स रिकवरी आर्गेनाईजेशन के पास आपको गिरफ्तार करने का पूरा अधिकार होता है और उनकी मर्ज़ी से ही आप जेल से छूट सकते हैं। इस रूल को १९६१ के इनकम टैक्स एक्ट में मेंशन किया गया है।


अधिकार नंबर 3 : साइकिल चलने वालों पर मोटर व्हीकल एक्ट (Vehicle Act) लागू नहीं होता है। अगर आप रोज़ाना साइकिल चलते हैं तो आपको मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों की चिंता करने की ज़रुरत नहीं है। क्योंकि मोटर व्हीकल एक्ट के अंडर साइकिल और रिक्शा नहीं आते हैं।


अधिकार नंबर 4 : भारत में रहनेवाले बहुत सारे लोग लाइव इन रिलेशनशिप (Live in Relationship) को कानूनन अपराध मानते हैं। भारतीत कानून के अनुसार लाइव इन रिलेशनशिप अवैध नहीं है, ये लीगल है। लेकिन लाइव इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल्स को काफी सारी चीज़ों का ध्यान रखना पड़ता है। अगर लाइव इन रिलेशनशिप में बच्चे का जन्म होता है तो उसको माता-पिता की प्रॉपर्टी पर पूरा अधिकार होता है।


अधिकार नंबर 5 : भारत में अगर आप पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने की वजह से दिन में एक बार जुरमाना लग गया है तो आप पर पुलिस अधिकारी पुरे दिन दोबारा से जुरमाना नहीं लगा सकते हैं। जैसे के अगर आप पर दिन में एक बार हेलमेट ना पहनने की वजह से चालान लग गया है तो आप पुरे दिन बिना हेलमेट पहने घूम सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस वाले आप पर दोबारा हेलमेट की वजह से चालान नहीं लगा सकते हैं।


अधिकार नंबर 6 : आपके पास प्रोडक्ट के मैक्सिमम रिटेल प्राइस (MRP) से कम कीमत देने का अधिकार होता है। आप दुकानदार से कोई भी चीज़ खरीद सकते हैं, जैसे कि अगर किसी चीज़ कि कीमत 100 रुपये है तो आप उसको सौदा करके 90 रुपयों में खरीद सकते हैं। लेकिन कोई भी दुकानदार किसी 100 रुपये की चीज़ को 110 रुपये में नहीं बेच सकता है।


अधिकार नंबर 7: अगर कोई व्यक्ति आपसे काम करवा कर या फिर आपसे पैसे उधार लेकर आपको पैसे नहीं देता है तो आप उस व्यक्ति के खिलाफ अदालत में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इंडियन एक्ट (Indian Act) के अनुसार अगर कोई आपको पेमेंट दे नहीं रहा है तो आप उसके खिलाफ अदालत में अर्जी लिखकर मामला दर्ज करवा सकते हैं। ये आपका कानूनी अधिकार होता है।आपके पास उस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने के लिए 3 साल तक कक समय होता है, जिससे आपको पैसे लेने होते हैं। जैसे किसी आदमी को अपने पैसे उधार दिए हैं और वो आपके पैसे नहीं दे रहा है तो आपको पुरे 3 साल का समय मिलता है, उस पर केस करने के लिए। अगर आप 3 साल तक केस नहीं करते हैं और उसके बाद आप करते हैं तो आपको कोई ठोस कारण बताना होगा , तभी आपका वो केस स्वीकार किया जायेगा अन्यथा रिजेक्ट कर दिया जायेगा।


अधिकार नंबर 8: 1861 में बने पुलिस एक्ट (The Police Act 1861) के अनुसार भारत के हर राज्य का पुलिस अधिकारी हमेशा ड्यूटी पर होता है। अगर किसी जगह पर आधी रात को कोई घटना घटती है या कोई क्राइम होता है तो किसी पुलिस वाले को ये कहने का अधिकार नहीं है के वो ड्यूटी पर नहीं है। क्योंकि पुलिस एक्ट के अनुसार हर एक पुलिस वाला बिना वर्दी के भी हमेशा ड्यूटी पर होता है।


अधिकार नंबर 9: 1956 में बने हिन्दू एडॉप्शन एंड मेंटेनेंस एक्ट (Hindu Adoption and Maintenance Act) के अनुसार अगर आप हिन्दू हैं और आपके पास एक बच्चा है तो आप कोई दूसरा बच्चा गोद नहीं ले सकते हैं। अगर आपके पास कोई बच्चा नहीं है तो आप बच्चा गोद ले सकते हैं। लेकिन इसके लिए शर्त ये है के आपकी और आप जिस बच्चे को गोद ले रहे हैं उसकी उम्र में 21 साल का अंतर होना चाहिए।


अधिकार नंबर 10: अगर आपकी पत्नी आपको बार-बार ताने देती है या गलियां देती है या आपको आपके माता-पिता से अलग होने के लिए दबाव डालती है तो ये क्रूरता है। इसी क्रूरता के सहारे आप डाइवोर्स (Divorce) की मांग कर सकते हैं।


दोस्तों आज के इस पोस्ट में अपने जाने हैं 10 ऐसे कानूनी अधिकार जिनके बारे में आपको जानना ही चाहिए जो आपके काफी काम आ सकते हैं। अगर आपको ये पोस्ट पसंद आई है तो आप इसको लाइक करें, कमेंट करें और अपने दोस्तों के साथ शेयर करें ...धन्यवाद..!

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