नेटवर्क मार्केटिंग या फिर मल्टी लेवेल मार्केटिंग बिज़नेस को कैसे बढ़ाएं?

नेटवर्क मार्केटिंग या फिर मल्टी लेवेल मार्केटिंग बिज़नेस को कैसे बढ़ाएं?
दोस्तों, बहुत सारे डिस्ट्रीब्यूटर्स ये सवाल करते रहते हैं के कैसे हम अपने बिज़नेस को कैसे बिल्ड करें? मल्टी लेवेल मार्केटिंग में कैसे और किस तरीके से काम करने से हमारा बिज़नेस बिल्ड होगा? जब बिज़नेस ग्रोथ नहीं होता तब मोटिवेशन चला जाता है। बिज़नेस को बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए, कौनसी तकनीक अपनाना चाहिए? ये बहोत सरे लोगों का सवाल है। दोस्तों आज हम आपको एक ऐसा फार्मूला बताने जा रहे हैं कि कैसे आप जो है नेटवर्क मार्केटिंग या फिर मल्टी लेवेल मार्केटिंग बिज़नेस को बढ़ा सकते हैं। आपको किस तरीके से काम करना होगा, कैसी सोंच रखनी होगी वो सब आज इस पोस्ट में हम आपको बताएँगे। तो दोस्तों इस पोस्ट को आखिर तक पढ़ना .

आज हम बात करेंगे ईएसबीआइ के बारे में। ईएसबीआइ तो आप सबको पता ही है। एक तरफ है एम्प्लोयी और सेल्फ एम्प्लोयी तो दूसरी तरफ है बिज़नेस ओनर और इन्वेस्टर। लेफ्ट साइड में अगर हम देखें तो एम्प्लोयी और सेल्फ एम्प्लोयी हैं और राइट साइड में देखें तो बिज़नेस ओनर और इन्वेस्टर हैं। अभी मैं आप सबको बता दूँ कि दुनिया के 90% लोग लेफ्ट साइड में आते हैं। यानि कि एम्प्लोयी और सेल्फ एम्प्लोयी होते हैं। वही सिर्फ 10% लोग राइट साइड में आते हैं। यानि कि बड़े बिज़नेस मैन या फिर इन्वेस्टर्स होते हैं। अभी हम जानेंगे कि इन सभी के बीच क्या अंतर है। बस आपको यही समझना है।

एम्प्लोयी क्या करता है:

एम्प्लोयी ऑफिस में जाता है, काम करता है,वो घडी देखकर काम करता है। कब मेरा टाइम ख़त्म होगा और कब मेरी छुट्टी होगी। एम्प्लोयी सोंचता है कि हमेशा मेरे पास कम से कम काम आये, मैं कम से कम म्हणत करूँ, ऐसा एम्प्लोयी सोंचता रहता है। एम्प्लोयी को ऐसा लगता है कि वो जो काम कर रहा होता है उसके बदले उसे कम सैलरी मिलती है। ज़्यादातर एम्प्लोयी को ऐसा ही लगता है। लेकिन मैं आप सबको बता दूँ यार, अगर आपको जो मिल रहा है ना उससे भी ज़्यादा आपको मिल सकता है। बस आप जिस कंपनी में काम कर रहे हैं ना, पहले आप उस काम को सुधारिये, उस काम को मेहनत और लगन से करिये। उसकी इज्जत करिये।

बिज़नेस मैन क्या करते हैं:

ओनर या बिज़नेस मैन उस बिज़नेस को अपना समझ कर करते हैं। वे हमेशा सोंचते हैं कि ये मेरा बिज़नेस हैं, मैं इसे कैसे बढ़ाऊ। ठीक इसी तरह नेटवर्क मार्केटिंग या फिर मल्टी लेवेल मार्केटिंग बिज़नेस को जब आप समझेंगे कि ये आपका अपना बिज़नेस हैं तो आप एम्प्लोयी कि mindset से काम नहीं करेंगे। बल्कि आप बिज़नेस के बारे में हमेशा सक्रीय रहेंगे। आपके दिमाग में यही रहेगा कि मैं अपने बिज़नेस को कैसे बढ़ाऊं। इसी तरह नेटवर्क मार्केटिंग या फिर मल्टी लेवेल मार्केटिंग बिज़नेस में आपकी भी यही सोंच बनी रहनी चाहिए। जब आप ऐसी सोंच के साथ काम करेंगे तो आपका बिज़नेस बढ़ता जायेगा। आपको एक एम्प्लोयी की तरह नहीं बल्कि एक बिज़नेस मैन की तरह काम करना होगा।

उदाहरण:

आखिर में हम आपको एक आसान सा उदाहरण देकर समझाते हैं। अगर कोई दुकानदार दुकान खोल देता है तो वो करता क्या है? वो दुकानदार उस दुकान में पहले इन्वेस्टमेंट करता है। दुकानदार सुबह उठके दुकान में जाता है और शाम को लौट के आता है। चाहे उस दुकान में सेल हो या ना हो वो दुकान में जाता ही है। बहोत सारे ग्राहक दुकान में आते हैं, उसके प्रोडक्ट्स को देखते हैं, वो खरीदते भी नहीं हैं। फिर भी दुकानदार का हौसला कम नहीं होता। वो सोंचता है कि बाद में कोई आके मेरा सामान खरीदेगा। जब आप  नेटवर्क मार्केटिंग या फिर मल्टी लेवेल मार्केटिंग बिज़नेस में ठीक इसी तरह कि सोंच रखेंगे तो आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते के आपका बिज़नेस कितना बढ़ेगा। आपकी सोंच हमेशा पॉजिटिव होनी चाहिए कि 2-4 या 10-12 लोगों को बिज़नेस प्लान दिखने के बाद भी लोग नहीं जुड़ते हैं तो भी आपको निरंतर काम करते रहना है। तब जाकर आप  नेटवर्क मार्केटिंग या फिर मल्टी लेवेल मार्केटिंग बिज़नेस में एक सफल बिज़नेसमैन बन पाएंगे।

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